Skip to main content

Good Newwz (गुड न्यूज़) फिल्म की कहानी | स्टोरी इन हिंदी | Hindi Story

Good Neww z (गुड न्यूज़) फिल्म की कहानी | स्टोरी इन हिंदी | Hindi Story 

Good Newz (गुड न्यूज़) फिल्म की कहानी | स्टोरी इन हिंदी | Hindi Story




Story in hindi  : वरुण बत्रा ( अक्षय कुमार ) एक मिड्ल ऐज का  बंदा है जो एक प्रोफेशनल कार सेल्समन है. उसकी वाइफ डीपू बत्रा ( करीना केपर) एक सीनियर जर्नलिस्ट है. दोनों काई सालों से बच्चे केलिए कोशिश  कर रहें है पर अब तक गुड न्यूज़ नही मिला है. इसलिए डीपू हमेशा परेशान रहती है. अब वो इस प्राब्लम को गंभीरता से  लेकर , पूरे साइंटिफिक तरीके से सुलझाने  जाती है. वो अपने ओवुलेशन कॅलंडर के हिसाब से अपने “ सेक्स डटे” को फिक्स करती है. उसका ओव्युलेशन का दिन  12 जानवरी  को था. उस दिन उनको बच्चे केलिए ट्राइ करना था. वरुण इस दीन को भूलकर अपने दोस्तों के साथ पार्टी कररहा था. 

डीपू, वरुण को फोन करके डेट  भूलने केलिए डातती है और फ़ौरन घर आने केलिए केहेती है. वरुण भी अब डर  के, ऑफीस से घर तक साइकलिंग करते, भाग कर आता है. उसने ड्रिंक्स और स्मोक  कर रखा था, डीपू उसपर चिल्लती है की ड्रिंक्स , स्मोकेंग से स्प्रेम काउंट (शुक्राणु की संख्या) घटजाती है. कुछ देर  जघड़ाने के बाद, दोनो अब बच्चे केलिए ट्राइ करते है. वरुण को सीरियस्ली बच्चों मे इंटेरेस्ट नही था पर वो डीपू की खुशी केलिए उसका साथ देरहा था. 

दो बार ट्राइ करने के बाद वरुण डीपू से कहेता है की उसका ओर्गसम ( चरम आनंद ) नही हुवा, उसने होने का नाटक किया था. अब डीपू पूरे गुस्से  मे उसे बेड से बाहर निकालती. अगले दिन दोनो दिल्ली  केलिए रवाना  होतें है. वहाँ पर उनको , वरुण के फॅमिली के साथ लोड़ी  फेस्टिवल मनाना था.

डीपू अभी भी वरुण पर गुस्सा थी. वो केहेती है ओव्युलेशन का दिन , गर्भवती होने केलिए एक दम सही दिन  था. वो उसपर सीरियस्ली ट्राइ नही करने से नाराज़ थी. अब वरुण उसको मनाने केलिए प्लेन के बाथरूम मे जाकर सेक्स करता है. मतल्ब कुछ भी. बॉलीवुड  मूवीस और उसकी लॉजिक!!!

किशिभि लेडी को गर्भवती  होने केलिए ‘फर्टिलिटी विंडो ‘ बेस्ट दिन  होतें  है. वो हमेशा ओव्युलेशन डेट  से पाँच दिन पहेले से शुरू होकर , ओव्युलेशन डेट  के 12-18 घंटे  बाद ख़त्म  होता है. आप पूरी जानकारी इस आर्टिकल पर पद सकतें है.


अब वो दोनों दिल्ली  जातें है. हर इंडियन फॅमिली की तरह डीपू पर भी सोशियल प्रेशर रिश्तेदारों  से आता है. वो और ज्यादा परेशान होती है. अगले दिन वरुण का छोटा भाई और उसकी वाइफ, जो पेशे से लॉयर्स है, वरुण और डीपू को आ ई फ़  का आईडिया  देतें  है. मुंबई  के फेमस डॉक्टर, ड्र जोशी का अड्रेस भी देतें  है.

Story in hindi :
अब दोनो ड्र जोशी से मिलने जातें है. ड्र जोशी ( आदिल हूसेन ) उन दोनों का मेडिकल हिस्टरी पड़कर सारी प्रोसीजर समझातें है. आ इ फ़  मे आदमी  और औरत  के बॉडी से सीमेन ( शुक्राणु)  और एग्स ( अंडा ) को निकाल कर, उसे लैब  मे फर्टाइलिज़ करतें है और बाद मे उसे औरत के  बॉडी के अंदर डाल दिया जाता है. ड्र जोशी के वाइफ, ड्र संध्या जोशी ( तिस्का चॉप्रा ) भी डॉक्टर थी और उसी क्लिनिक मे काम करती थी.

कुछ दिन बाद वरुण अपने सीमेन  का सॅंपल देकर आता है. एग्स फर्टाइलिज़ होने के बाद ड्र जोशी डीपू के अंडर उसे डालतें  है. कुछ दिनों तक दोनो खुशी से रेहेतें  है. तभी उनको श्रीमती  ड्र जोशी से एक एमर्जेन्सी फोन आता है.

जब वो लोग क्लिनिक पहुँचते  है, वहाँ पर एक और कपल आए थे .जिनका नाम मिस्टर हनी बत्रा ( दिलजीत डोसांझ ) और श्रीमती  मोनिका बत्रा ( कियारा आडवाणी) था. ये दोनो पंजाबी कपल थे, एक दम  देसी टाइप. वरुण इंदोनो को तुच्छ  भावना  से देखता है. अब ड्र जोशी इन चारों से कहेटें है की आ इ फ़  प्रोसीजर मे तोड़ा गड़बड़  हो गया है. दोनो कपल का नाम एक  होने से ये गड़बड़ी हुवी है.

वरुण का सीमेन  मोनिका के अंदर  चलगाया था और हनी का सीमेन  डीपू के अंडर. मतलब मोनिका के बच्चे का बाप वरुण होगा और डीपू के बच्चे का बाद हनी!!!. वरुण और डीपू पूरे गुस्से मे ड्र जोशी पर क्रिमिनल नेग्लिजेन्स का केस  करने की धमकी देतें  है. हनी ड्र जोशी का काल्लेर पकड़के उसे मारने लगता है. ड्र जोशी उनदोनों  से माफी माँगा कर सल्यूशन के तौर पर कहेटें है की , यदि दोनो लेडी प्रेग्नेंट हो जाती है तो वो अबॉर्षन करवा सकतें है. अबॉर्षन एक छोटा  प्रोसीजर होगा.

Story In Hindi :
डीपू अब प्रेग्नेन्सी रोकने केलिए पिल्स लेती है. कुछ दिन तक नेगेटिव रिज़ल्ट आने के बाद पिल्स लेना बंदा कर देती है. उसी टाइम वो प्रेगञेन्ट हो जाती है. उधर मोनिका भी प्रेग्नेंट होगई थी. हनी और मोनिका इस प्रेग्नन्सी से खुश थे, क्यूंकी मोनिका का पहेले भी दो बार गर्भपात  हुवा था. इसलिए वो दोनो अब इस बच्चे को खोना नही चाहते थे.

हनी आधी रात को वरुण को फोन कर के केहेता है की मोनिका प्रेग्नेंट है और पूछता है की क्या डीपू भी है. वरुण को इस बात पर गुस्सा आता है की डीपू के प्रेग्नेन्सी के बारें मे जाने वाला वो कौन है. वो उसे केहेता है की यदि वो प्रेग्नेंट हुवी तो वो अबॉर्षन करवा लेंगे.
डीपू और वरुण अब अबॉर्षन केलिए जातें है. श्रीमती  ड्र जोशी, डीपू से अकेले मे मिलकर, उसका अल्ट्रा साउंड स्कॅन दिखाकर ,पूछती है की क्या ये उसका डिसिशन है या उसका पति का?. वो डीपू को सारे मेडिकल फैट्स  बताती है . डीपू का प्रेग्नेंट होने के चान्स बेहद ही कूम था इसलिए वो उसे सोच समझकर डिसिशन लेने केलिए कहती है.

अब अगले दिन हनी और मोनिका , वरुण और डीपू के घर आकर केहतें  है की यदि वो बच्चे नही चाहते तो पैदा होने पर वो लोग उन्हे वो बच्चा दे दे. वो गोद लेने  केलिए रेडी थे. वरुण को भी ये आइडिया अच्छा लगता है पर डीपू को इसे सुनकर गुस्सा आता है, वो वरुण पर इतने संवेदन हीन  होंने केलिए डाटती  है. वो उनदोनों  को घर से “ गेट आउट” कहकर निकाल देती है. अब हनी और मोनिका , वरुण के अपार्टमेंट  मे ही फ्लॅट किराया पर लेतें  है. डीपू अपना अबॉर्षन का डिसिशन कॅन्सल करती है.

हनी अब डीपू पर हर रोज़ नज़र रखने लगता है. उसे डीपू के बच्चे से लगाव  था, इसलिए वो उसकी हर मुमकिन मदद  करने लगता है. 3 महीने बाद इस सब से परेशान होकर डीपू अब एक लीगल कांट्रॅक्ट बनवाती है. जिसके मुताबिक डीपू के बच्चे पर हनी का कोई हक नही होगा और मोनिका के बच्चे पर वरुण का. उन दोनो को वो दोनो कभी भी , कॉंटॅक्ट भी नही करेंगे. हनी भी अपना कांट्रॅक्ट बनवाता है जिसमे बच्चा पैदा होने से 18 साल तक क्या क्या करना होगा सब कुछ डीटेल मे लिखा था. डीपू को उसे पड़  कर फिर गुस्सा आता है और वो फिर से उन दोनो को “ गेट आउट “ कहकर निकाल देती है.

7 महीने बाद डीपू की हालत बहुत ही खराब थी. वरुण उसका ख़याल नही रख रहा था. वरुण को ये बच्चा नही चाहिए था इसलिए उसने कभी भी डीपू की हालत पर ध्यान  नही दिया. उधर मोनिका भी अकेली थी, उसका सारा परिवार चंडीगढ़  मे था. हनी को दोनो लॅडीस की फिकर थी क्यूंकी मॉनिका का दो बार गर्भपात  हो चुका था , उसे बच्चा खोने का गुम मालूम था.

story in hindi 
: डीपू को एमोशनल सपोर्ट केलिए एक दोस्त की ज़रूरत थी, इसलिए अब अंततः  वो मोनिका के घर जाकर उससे बात करती है. उसकी प्रॉब्लम्स को भी सुनती है. उसको अब मॉनिका के 2 गर्भपात  के बारें मे पता चलता है. वो दोनो अच्छी दोस्त बनतें  है.

इधर हनी और वरुण भी एक बार मे मिलतें है. वो भी आपस मे अपनी ग़लतफेमियों को भुलाकर बात करने लगतें है. जब हनी, डीपू की 7 महीने मे भी जॉब ना छोड़ने पर सवाल उटाता है तो वरुण को गुस्सा आता है. उसे लगता है की ये उनकी लाइफ मे फिर से ये धकल डाल रहा है. उनदोनो का झगड़ा होता है. हनी तोड़ा भावुक होकर , गुस्से से लड़ता है .बार मालिक हनी पर पोलीस केस करता है. वरुण अपने घर आता है.

घर पर उसका और डीपू का भी झगड़ा होता है. डीपू वरुण पर इन साथ महीने उसे सपोर्ट नही करने पर चिल्लती है. वो कहेती है की वो एक बाप बनाने केलिए लायक नही है. दोनो झगडकर सोजातें है.

आधी रात को मॉनिका का लेबर पैन  शुरू होता है. वो मुश्किल से डीपू के घर आकर घंटी बजाती है. वरुण और डीपू उटकर उसे हॉस्पिटल लेजातें है. श्रीमती  ड्र जोशी उसे एडमिट  करके कहती है की बच्चे को अभी डेलिवर करना होगा. मॉनिका की बच्ची प्रि मेचुर पैदा होती है, और उसका कंडीशन भी क्रिटिकल होता है.

वरुण अब डीपू को घर भेजकर खुद हॉस्पिटल मे हनी का वेट करने लगता है. हनी का कोई आता पता नही था, शायद उसे पोलीस उटा कर लेगाई होगी. हनी कुछ टाइम बाद आता है. वरुण उसे पूरी खबर बताता है. अब दोनों, बच्ची की नॉर्मल कंडीशन मे आने का इंतज़ार करतें है. इस वक़्त वरुण को एहसास होता है की एक बच्चे का बाप बनाना कितने ज़िम्मेदारी का काम है.

वो घर जाकर डीपू से माफी माँगता है. उधर हॉस्पिटल मे बच्ची मुश्किल के बाद ठीक होती है. अगले दो महीने डीपू और वरुण, उन तीनों का ख़याल रखतें  है. अब डीपू का डेलिवरी का टाइम आता है. उसी वक़्त वरुण का कमर अटका जाता है. इसलिए हनी और मॉनिका उनदोनों  को हॉस्पिटल लेजातें है. डीपू भी अब एक बच्ची को जन्म देती है. सभी लोग खुश होतें है. वरुण का फॅमिली भी आता है. फिल्म यहीं खत्म होता है। 




Tags : फिल्म की कहानी ,स्टोरी इन हिंदी,Hindi Story, story in  hindi ,Hindi spoilers, Hollywood film ki kahani,film ki story. 

Comments

Popular posts from this blog

Invictus फिल्म की कहानी | स्टोरी इन हिंदी | Hindi Story

Invictus फिल्म की कहानी | स्टोरी इन हिंदी | Hindi Story  इन्विक्टस 2009 मे आई अमेरिकन-सौत्फरीकन बाइयोग्रॅफिकल ड्रामा फिल्म है , जो 1995 मे, साउत आफ्रिका मे हुवी रग्बी वर्ल्ड कप मॅच की कहानी कहेती है. कैसे एक स्पोर्ट देश को जोड़ सकता है, कैसे एक स्पोर्ट दुश्मनों का दुश्मनी मिटा सकता है, कैसे एक स्पोर्ट देश की डिप्लोमसी मे काम आसकता है. साउत आफ्रिका मे अपार्थाइड  यानी रंग भेद 1948 मे अफीशियली शुरू होकर 1990 मे ख़त्म हुवा. साउत आफ्रिका मे इस दौरान वाइट और ब्लैक लोगों केलिए अलग अलग क़ानून थे, काले लोगों का शोषण किया गया था. इसका एक लंबा खूनी इतिहास है. नेल्सन मंडेला ने इसके खिलाफ आंदोलन  किया था इसलिए उनको 1963 मे ज़िंदगी भर केलिए जैल मे डाल दिया गया था. 1980’s  के दशक  मे जब साउत आफ्रिका पर आर्थिक पाबंदियां  लगने लगे तब वहाँ की सरकार  आफ्रिकन नॅशनल कॉंग्रेस (ANC ) से रंग भेद  को ख़त्म कर ने केलिए बातचीत शुरू की. ओलंपिक्स  ने भी 1964 से 1988 तक साउत आफ्रिका को बैन  किया था. ICC  और अन्या काई सारी स्पोर्ट ऑर्गनाइज़ेशन्स ने भी उनको बैन किया था. उनमे से एक था इंटरनॅशनल

What Is Hinglish

Hinglish is a hybrid language that combines the words from English language with Hindi Language Grammar. The script of the language uses English alphabets with Hindi and English words. The name Hinglish itself is derived from Hindi and English. Its spoken in India, United Kingdom, USA. Initially it was the language of non resident Indians and ABCD's (American Born Confused Desi) but with passage of time and dominance of English as a primary language for school education, a generation of Indians now use Hinglish in their day today life. History Of Hinglish   The Charter Act of 1813 passed by the British parliament in 1813 ended the monopoly of British East India Company and made the way for formal English medium education for Indians. This act also allowed Christian Missionaries to India and propagate Christian values to Indians. British East India company also known as British Raj opposed this idea with force. British Raj advocated that Indians are sensitive to the

1917 in Hinglish | Hollywood movie in Hindi | Hinglish

2020 saal ke Oscar me best Picture keliye chunigayi film me 1917 bhi ek hai. Film ki shuruvaat hoti hai saal 1917 ke world war 1 me. Corporals Schofield (George MacKay) and Blake (Dean Charles) 8 th battalion ke jawan the jo zamen par so hare the. Blake ke commanding sergeant unke paas aakar kehetaa hai ki ek aur jawan ko apane saath lekar, commanding officer se jaake milo. Blake ab Schofield ko apane saath lekar jaataa hai. Dono ab WW1 ke trenches se hoke guzartein hai aur sochatein hein ki unhen kisliye bulaya gaya hoga. Blake Christmas ke liye ghar jaana chaahataa tha. Ab vo dono commanding officer ke baarack me aatein hai jahan General Erinmore’s (Colin Firth) aur baaki sabhi bade officers the. General Erinmore unko ek important mission ke baarein me kehetein hai.  General Erinmore “ German army command ne ek strategic plan ke tehet apani puri battalion ko front se vaapas bulaliya hai aur vo piche hat rahein hai. Colonel Mackenzie apane 2 nd battalion ke saa